मानव संसाधन प्रबंधन के दूसरे भाग में आपका स्वागत है।
इस भाग में हम मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र (Scope of HR Management) के बारे में चर्चा करेंगे। क्षेत्र का अर्थ है – किसी कार्य की सीमा।
क्षेत्र को समझने का उदाहरण
मान लीजिए दिल्ली प्रारंभ बिंदु है और मुंबई गंतव्य है।
दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाली एक रेखा है। आपकी यात्रा का क्षेत्र केवल दिल्ली से मुंबई तक है। आप पश्चिम बंगाल नहीं जा सकते, क्योंकि वह आपकी यात्रा के क्षेत्र से बाहर है।
इसी प्रकार, मानव संसाधन प्रबंधन का भी एक निश्चित क्षेत्र होता है।
1. व्यवसाय के दृष्टिकोण से मानव संसाधन प्रबंधन का क्षेत्र
मनुष्य व्यवसाय की वृद्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
वे निम्न रूपों में हो सकते हैं:
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कारखाने के श्रमिक
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कार्यालय के कर्मचारी
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शाखाओं और विभागों में कार्यरत कर्मचारी
ये सभी कर्मचारी दैनिक, मासिक और वार्षिक कार्यों को पूरा करने में व्यवसाय की सहायता करते हैं।
HR प्रबंधक की भूमिका:
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HR प्रबंधक यह देखता है कि किस विभाग में कितने कर्मचारियों की आवश्यकता है।
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यदि किसी विभाग में कर्मचारी अधिक हैं और किसी अन्य विभाग में आवश्यकता है, तो HR प्रबंधक पहले आंतरिक स्थानांतरण (Internal Transfer) करता है।
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इससे:
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मानव संसाधन लागत कम होती है
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कर्मचारियों की दक्षता बढ़ती है
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उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग होता है
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HR प्रबंधक की सीमा:
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HR प्रबंधक हर विभाग की जांच स्वयं नहीं करता।
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प्रत्येक विभाग का यह दायित्व है कि वह:
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अपने कार्यभार का विश्लेषण करे
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कर्मचारियों की आवश्यकता का अनुमान लगाए
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HR विभाग को अपनी मांग सूची भेजे
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जब आंतरिक कर्मचारी उपलब्ध न हों:
यदि विभाग में पहले से उपयुक्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, तो:
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नई भर्ती का आदेश दिया जाता है
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चयन प्रक्रिया की जाती है
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प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है
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प्रदर्शन मूल्यांकन किया जाता है
2. कर्मचारियों के दृष्टिकोण से HR प्रबंधन का क्षेत्र
1. कर्मचारियों को प्रेरित करना
HR प्रबंधक कर्मचारियों को प्रेरित करता है और उन्हें आश्वस्त करता है कि:
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मेहनत का उचित फल मिलेगा
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अच्छे प्रदर्शन पर पदोन्नति होगी
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योग्य कर्मचारियों को भीड़ से अलग पहचान मिलेगी
HR प्रबंधक के पास मेहनती और प्रतिभाशाली कर्मचारियों को पदोन्नत करने का अधिकार होता है।
2. कर्मचारी शिकायत निवारण
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कर्मचारी अपनी समस्याएँ सीधे HR प्रबंधक को बता सकते हैं।
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HR प्रबंधक उनकी समस्याओं को सुनता है और समाधान करने का प्रयास करता है।
3. कर्मचारी कल्याण गतिविधियाँ
HR प्रबंधक:
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कर्मचारियों को उनके अधिकारों और लाभों की जानकारी देता है।
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उन्हें जागरूक करता है:
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बच्चों के कल्याण से संबंधित योजनाओं के बारे में
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स्वास्थ्य बीमा
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दुर्घटना बीमा
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भविष्य निधि (PF)
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अन्य सरकारी एवं संस्थागत निधियों के बारे में
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इससे कर्मचारी अपने लाभों से वंचित नहीं रहते।
4. कर्मचारी सुरक्षा
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HR प्रबंधक कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
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वह आवश्यक:
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सुरक्षित मशीनें
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उपयुक्त ढांचा
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सुरक्षा उपकरण
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इन सभी की मांग वित्त विभाग (Finance Department) से करता है।
5. पदोन्नति एवं प्रशिक्षण योजना
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HR प्रबंधक कर्मचारियों को प्रोत्साहित करता है कि वे:
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उच्च शिक्षा प्राप्त करें
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प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें
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प्रमाणपत्र (Certification) प्राप्त करें
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यह सभी गतिविधियाँ पदोन्नति और करियर विकास में सहायक होती हैं।
3. संबंध प्रबंधक के रूप में HR प्रबंधन का क्षेत्र
HR प्रबंधक एक संबंध सेतु (Relationship Manager) के रूप में कार्य करता है, जो जोड़ता है:
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कर्मचारियों और प्रबंधन को
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व्यवसाय और श्रमिकों को
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बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में विभिन्न विभागों को
अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ:
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कर्मचारी यूनियनों से संवाद बनाए रखना
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शांतिपूर्ण उत्पादन सुनिश्चित करना
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हड़ताल और तालाबंदी (Lockout) से बचाव करना
इससे औद्योगिक शांति और व्यवसाय की निरंतरता बनी रहती है।
निष्कर्ष
मानव संसाधन प्रबंधन का क्षेत्र विस्तृत लेकिन सीमित होता है।
HR प्रबंधक की भूमिका महत्वपूर्ण है:
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व्यवसाय की दक्षता बढ़ाने में
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कर्मचारियों की संतुष्टि सुनिश्चित करने में
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कार्यस्थल की सुरक्षा बनाए रखने में
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औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने में
लेकिन वह हमेशा अपने निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही कार्य करता है, जैसे यात्रा केवल दिल्ली से मुंबई तक।
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